तुम्हारे ना होने से तबियत नासाज़ लगती है
तुम्हारे ना होने से कयामत आज लगती है
फिर क्यूँ नही हो तुम
सदा से गूँजते सन्नाटे में आवाज तुम्हारी आती है
तुम सामने बैठो फिर भी याद तुम्हारी आती है
फिर क्यूँ हो तुम
तुम्हारा होना भी आंसुओं से सराबोर करता है
तुम्हारे ना होने के ख़्वाब से दिल बहुत डरता है
तुम्हारे बारे में वक़्त को एक बात समझाई जाए
तुम्हारी गैरमौजूदगी में मेरी उम्र ना बढ़ाई जाए
क्योंकि तुम्हारे होने से जीना शुरू होता है
मैं कहीं भी हूँ मेरे साथ तू होता है
तुम्हारे ना होने से कयामत आज लगती है
फिर क्यूँ नही हो तुम
सदा से गूँजते सन्नाटे में आवाज तुम्हारी आती है
तुम सामने बैठो फिर भी याद तुम्हारी आती है
फिर क्यूँ हो तुम
तुम्हारा होना भी आंसुओं से सराबोर करता है
तुम्हारे ना होने के ख़्वाब से दिल बहुत डरता है
तुम्हारे बारे में वक़्त को एक बात समझाई जाए
तुम्हारी गैरमौजूदगी में मेरी उम्र ना बढ़ाई जाए
क्योंकि तुम्हारे होने से जीना शुरू होता है
मैं कहीं भी हूँ मेरे साथ तू होता है