Sunday, 20 January 2019

"तुम"

सही कह रहे हो तुम
मेरी रागों में बह रहे हो तुम,
मुझे बना चुके हो आशियाँ अपना
मेरे दिल मे रह रहे हो तुम


मैं कहीं खो जाना चाहूं
तेरी गोद मे रख सर सो जाना चाहूं
जमाने भर से तोड़ के रिश्ते
सिर्फ तुझे ही पाना चाहूँ


ये दर्द, ये सजा ये जश्न ये मजा
सब इश्क़ में सह रहे हो तुम
सही कह रहे हो तुम
मेरी रागों में बह रहे हो तुम


रूठ जाओ अगर तो ये जीवन वीरान
जो हंस दो तो फिर खिलखिलाए जहान

जो ना मिलने दे मुझे तुझ से
वो सब मेरे लिए सिर्फ शमशान


तू हो हर जगह, तू हो हर सुबह
तू जो ना हो तो मेरी सोचें परेशान


जो कहना चाहते हो मुझ से
सिर्फ खुद से कह रहे हो तुम
मुझे बना चुके हो आशियाँ अपना
मेरे दिल मे रह रहे हो तुम


सही कह रहे हो तुम
मेरी रागों में बह रहे हो तुम